अै
333.
अैनै कहो भावैं कूवै में नाखो
इसे कहो चाहे कंुअे में डालो।
1ध्411ध्2 कहना व्यर्थ है।
1ध्421ध्2 इसे कोई बात कहना कुंअे में डालने के बराबर है यानि यह
कही हुई बात को गुप्त रखना है किसी से नहीं कहता।
इसे गुप्त भेद बेखटके कहे सकते हैं।
334.
अैरी माँ अैने ही जिण्यो हैँ
इसकी माँ ने इसे ही जना है।
इसके बराबर दूसरा कोई नहीं।
335.
अैरी माँ ई सवा सेर सूंठ खाई है
इसी की माँ ने सवा सेर सोंठ खाया है।
यही सच्चा वीर या साहसी है।
336.
अैही घोड़ा’र अ ही मैदान
यही घोड़े और यही मैदान 1ध्4उतरें और करतब दिखावें1ध्2
कार्य क्षेत्र में उतरकर कुछ करतब दिखाओ।