345.
और बात खोटी, सिरे दाल–रोटी
और बात खोटी, सबसे बड़ी दाल–रोटी
पेट भरना सबसे मुख्य है।
346.
और रंग कच्चा, मुश्की रंग पक्का
और रंग कच्चे, मुश्की रंग पक्का
1ध्411ध्2 मुश्की रंग की प्रशंसा।
1ध्421ध्2 पक्की लगन वाले व्यक्ति के लिअे
347.
और सांग सोरा, सती आलो सांग दोरो
दूसरे स्वांग सब आसान, सती वाला स्वांग कठिन
रुपयों का काम रुपयों से ही निकलता है, बातों से नहीं।
348.
औसर चूकी डूमणी गावै ताल–बेताल
अवसर चुकी हुई मीरासिन ताल–बेताल गाती है
अवसर निकल जाने के बाद काम ठीक–ठीक उत्साह से नहीं होता।
349.
औसाण आवै जको ही हथियार
वक्त पर याद आवे वही हथियार है।
मि.– हाथे पड़ै सो हथियार