887.
छदाम रो छाजलो टको गंठाई रो
छदाम का छाज टका गंठाई का।
जब थोड़े लाभ पर अधिक खर्च पड़े।
मि.–पईसे री डोकरी टको सिर–मंुड़ाई
888.
छाव दांत र मूंढो पोलो
छ: दांत और मुंह पोपला 1ध्4ऊँटके लिये1ध्2
889.
छाछ छीतरी बेटी ईतरी
छितरी हुई छाछ और लाड़–प्यार में इतरी हुई पुत्री सुधारना मुश्किल
है।
890.
छाज न बोलै छाबड़ी तूं कं बोलै चाळनी थारे अठोतर सौ बै
न छाज बोलता है न छबड़ी; चलनी, तू क्यों बोलती है तेरे तो एक
सौ आठ छिद्र है।
891.
छाटी सटै बोरो जके रो कांई नांव नोरो
छाटी के बदले में बोरा जिसके लिए क्या नाम और निहोरा।
बराबरी के सौदे में गरज–निहोरा करने की आवश्यकता नहीं होती।
892.
छाती पर केश नहीं जक ेसूं बात नहीं करणी
छाती पर बाल न हो उसे बात नहीं करना
छाती पर बाल होना पुरुषत्व का चिन्ह है।
893.
छुरी छड़ी छतरी छलो सदा राखिये पास
छुरी छड़ी छत्री और छल्ला ये चीजें सदा साथ में रखना चाहिए।
894.
छैला छाना ना रहै मैना कपड़ां मांय
मैले कपड़े पहने होने पर भी छैले छिपे नहीं रहते।
895.
छोकरो है जठे बहू ही आवै
पुत्र है वहां बहू भी आती है।
896.
छोटे मूंढ़े बड़ी बात
छोटे मुंह बड़ी बात
छोटे का बढ़–बढ़ कर बातें बनाना।
897.
छोटे सूं मोटा हुवै
छोटे से बड़े होते है 1ध्4कोई एकाएक बड़ा नहीं हो जाता धीरे–धीरे
उती होती है1ध्2।
898.
छोटो जितो ही खोटो
छोटा जितना ही खोटा, छोटे कदवाला आदमी चालाक होता है।
899.
छोटो बछियो गधे रो ही चोखो
छोटा बछिया गधे का भी सुन्दर।
बाल्यावस्था में प्रत्येक प्राणी सुन्दर लगता है।
900.
छोडो ईस, बैठो बीस
1ध्4खाट की1ध्2 पाटी छोड़ दो, फिर चाहे बीस आदमी बैठ जाओ पाटी पर
बैठने से वह टूट जाती है पर यदि पाटी को छोड़कर बैठा जाय तो
कई आदमी बैठ सकते हैं, उनके बो से खाट नहीं टूटती।
901.