999 झाड़ विछाई कामळी रह्या निमांणै सोय
कंबल को झाड़ कर बिछा लिया और नीची जगह मेें सो रहे।
फकीरों का कहना। जब कोई चिन्ता या पर्वाह न हो।
1000 झाड़ मान झूँपड़ी तारागढ नांव
पौधे जितनी झोंपड़ी और तारागढ़ नाम।
जब छोटी या साधारण वस्तु की अधिक प्रशंसा की जाय या जब कोई
साधारण व्यक्ति गर्व करे तो कही जाती है।
झाड़ –झांट
तारागढ़–अजमेर की एक पहाड़ी चोटीका नाम है।
1001 झाड़े जाय जद ठूंठा याद आव़ै
पाखाने जाय तक लोटा याद आता है।
काम के लिये पहले से तय्यारी न की जाय और जब वह काम आ ही
पड़े तब उसका उपाय करने लगे।
1002 खित विद्या किसत खेती
लगातार परिश्रम से विद्या आती है और मेहनत से खेती होती
1003 झुकते पालणेरा सै सीरी
झुकते पलने के सब साथी होते हैं।
धनवान् के सब साथी होते हैं। जिधर लाभ हो सब उधर ही झुकते हैं।
सै कोइ – सब कोई
1004 झूठे का मुंह काला
झूठा सदा निन्दनीय हैं झूठा सदा हारता है।
1005 झूठे जग पतीजै
झूठे व्यक्ति से जगत् पतीजता है।
झूठे से सबको भरोसा हो जाता है। सच्चे को कोई नहीं पूछता।
1006 झूठे री बावडै कोनी
झूठे की लौटती नहीं।
साख या भरोसा या प्रतिष्ठा।
1007 झूठे रे पग को हुवैनी
झूठेके पैर नहीं होते उसकी बात निराधार होती है अत: वह डरता रहता
है।
दृढ़ता से खड़ा नहीं रह सकता। देखो ऊपर
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