1008 टको लेगी दाई, कूंडो फोड़ घर आई
टका लेगई दाई, कूंडा फोड़ घर आई‍र्।
मूर्ख के लिये कहा जाता है।

1009 टका हत्र्ता टका कत्र्ता
सब रुपये की माया है।

1010 टको मां–बाप है
टका माता–पिता है।
पैसा मां–बाप जितना बड़ा है।

1011 टांग्यां पिणियारी गावै है
टांगे पनिहारी नाम का गीत गाती हैं।
पैर बहुत थक गये हैं।

1012 टांग्यां विचे टकसाल है
टांगों के बीच में टकसाल है। पैसे के लिए व्यभिचार करनेवाली कुलटा

1013 टाबर आंख में घाल्यो रड़कै कोनी
बच्चा आंख में डालने से खटकता नहीं।
सयाना बालक जिसका आचरण किसी को न अखरे

1014 टाबरियां ही घर बसै तो बाबो बुढली क्यंू लावै
बच्चों से ही घर बसे तो बाबा बुढि़या क्यों लावै व्याह कर
नौसिखियों से काम चलता होता तो अनुभवी लोगों को कौन पूछता।

1015 टार इ खावै कुटार इ खाव
अच्छा पशुधन भी खाता है। और निबला भी।
गाय आदि अच्छी दुधारू रखना चाहिए क्योंकि खरच दोनों में बराबरपड़ता है।

1016 टार मारां के कांण कांपै
मारने से घोड़ा कांपता है

1017 टीके आळो लाई
टीके वाला लाई–व्यासों पुष्करणे ब्राणों के अन्तर्गत रत्ताणी व्यासों केभोलेपन पर व्यंग।

1018 टुगली रो ही को तुलावै नी

1019 टुळते पुळतो नहीं पूगै

1020 टूटी तो गुजरात भागी तो नागोर
गुजरात और नागोर का वैभव यदि पहले जैसा नहीं रहा फिर भीगुजरात गुजरात और नागोर–नागोर ही है अर्थात अभी भी वैभवशाली हैं।
किसी अत्यन्त वैभवशाली के पतन पर उक्ति।

1021 टूटी री बूंटी नहीं
टूटी की दवा नहीं। आयु खूट जाती है फिर कुछ उपाय नहीं होसकता।

1022 टोघडि़यो खूंटे री तांण कूदै
बछिया खूंटे के बल पर कूदता है।
जब कोई दूसरे के बल पर या भरोसे पर जोर दिखावे तक कहा जाताहै।